Showing posts with label hingulaj. Show all posts
Showing posts with label hingulaj. Show all posts

Monday, 18 February 2013

दामिनी के हत्यारों को मारो जूतियों से आप, जब तक न मरें आराम मत कीजिये


फांसी वाले फंदे सिर्फ़ मानवों को शोभते हैं, 

दानवों को देकर हराम मत कीजिये 



रो पड़ेंगी रूहें राजगुरू संग भगत की, 


सुखदेव सिसके वो काम मत कीजिये 



दामिनी के हत्यारों को मारो जूतियों से आप, 


जब तक न मरें आराम मत कीजिये 



जूतियों से न मरे तो मारो पत्थरों से किन्तु 


फांसी वाला फंदा बदनाम मत कीजिये



जय हिन्द !
-अलबेला खत्री