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Tuesday, 21 May 2013
Monday, 18 February 2013
दामिनी के हत्यारों को मारो जूतियों से आप, जब तक न मरें आराम मत कीजिये
फांसी वाले फंदे सिर्फ़ मानवों को शोभते हैं,
दानवों को देकर हराम मत कीजिये
रो पड़ेंगी रूहें राजगुरू संग भगत की,
सुखदेव सिसके वो काम मत कीजिये
दामिनी के हत्यारों को मारो जूतियों से आप,
जब तक न मरें आराम मत कीजिये
जूतियों से न मरे तो मारो पत्थरों से किन्तु
फांसी वाला फंदा बदनाम मत कीजिये
जय हिन्द !
-अलबेला खत्री
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Monday, 21 January 2013
Sunday, 20 January 2013
आपको तो यह ज़हर सिर्फ बांटना है, पीना और पी कर मरना तो जनता को है
सच कहते हो राहुल बाबा
सत्ता इक ज़हर है
लेकिन आपकी मम्मी की आँखों में आंसू क्यों आ गए
आपको यह ज़हर थमाते हुए, यह मेरी समझ में नहीं आया .
क्योंकि आपको तो यह ज़हर सिर्फ बांटना है, पीना और पी कर
मरना तो जनता को है .
आपसे पहले भी बड़े बड़े तुर्रमखां इस ज़हर को वितरित कर के
गए हैं . कुछ आपकी पार्टी वाले थे, कुछ उनकी पार्टी वाले थे,
जो भी आया, जनता के लिए ज़हर ही लाया .........अब आपकी
मम्मी ने आपको दिया है तो आप भी यही कीजिये ...लीजिये
लीजिये जनता की बची खुची जान आप भी लीजिये
जय हिन्द !
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